For the best experience, open
https://m.apnnews.in
on your mobile browser.
Advertisement

दुनिया में पहली बार होने जा रहा बदलाव, यूरोप में जल्‍द ही USB-C चार्जर का इस्‍तेमाल होगा अनिवार्य, European Union ने दी मंजूरी

यूरोपियन यूनियन का कहना है कि इस फैसले से कंज्यूमर चार्जर खरीद पर हर साल 250 मिलियन यूरो (267 मिलियन डॉलर), यानी 2,075 करोड़ रुपये तक की बचत कर पाएंगे।
10:15 AM Oct 05, 2022 IST | Kalpana Bisht
दुनिया में पहली बार होने जा रहा बदलाव  यूरोप में जल्‍द ही usb c चार्जर का इस्‍तेमाल होगा अनिवार्य  european union ने दी मंजूरी
Advertisement

USB-C: पूरे यूरोप में जल्‍द ही सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए सिंगल चार्जर पोर्ट का इस्‍तेमाल होगा।यूरोपियन पार्लियामेंट ने अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए सिंगल चार्जर पोर्ट को लेकर नए नियम को मंजूरी दे दी है।यूरोपीय संघ ने सभी मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप और कैमरा के लिए 2024 तक एक सिंगल चार्जर अनिवार्य करने के कानून को लागू कर दिया है।

Advertisement

ऐसा दुनिया में पहली बार हो रहा है जब सिंगल चार्जर पोर्ट के लिए नियम पास हुआ है। बता दें कि भारत में भी अलग-अलग डिवाइस के लिए सिंगल चार्जर लाने की तैयारी हो रही है।सभी डिवाइस के लिए एक चार्जर हो इसके लिए यूरोपीय संघ में बाकयदा वोटिंग की गई। वोटिंग में सभी डिवाइस के लिए एक चार्जर के पक्ष में 602 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में केवल 13 वोट ही पड़े।

Top news from European Union on USB-C .
European Union.

USB-C: एप्‍पल कंपनी को बदलने होंगे चार्जिंग पोर्ट

top news on Using USB-C Charger.
USB-C ki khabar

नया नियम अनिवार्य रूप से लागू होने के बाद एप्‍पल कंपनी को अपने सभी डिवाइस के लिए चार्जिंग पोर्ट बदलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ऐसा होने पर एप्‍पल के प्रोडक्ट की सेल पर काफी असर पड़ेगा।हालांकि कारोबारी विशेषज्ञों के अनुसार सभी डिवाइस के लिए एक चार्जर होने के बाद एप्‍पल के प्रोडक्ट की सेल बढ़ भी सकती है।

Advertisement

दूसरी तरफ इसका असर सैमसंग, हुवेई और अन्य कंपनियों पर भी पड़ सकता है। क्योंकि यूरोपीय संघ के नए कानून अंदर इयरबड्स के साथ ही और भी प्रोडक्ट आते हैं।इस नए कानून के आने के बाद सभी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट के लिए एक चार्जर पॉलिसी के तहत उनमें बदलाव करना होगा।

USB-C: इलेक्ट्रॉनिक कचरे में आएगी कमी

यूरोपियन यूनियन का कहना है कि इस फैसले से कंज्यूमर चार्जर खरीद पर हर साल 250 मिलियन यूरो (267 मिलियन डॉलर), यानी 2,075 करोड़ रुपये तक की बचत कर पाएंगे। एक जैसे चार्जर मिलेंगे तो करीब 11 हजार टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी कम हो सकता है।इस पूरे मामले में एप्‍पल ने कहा था कि EU के यूनिवर्सल चार्जर के फैसले से न सिर्फ यूरोप के लोगों को, बल्कि पूरी दुनिया के ग्राहकों को दिक्कत होगी।

USB-C: जानिए क्या होता है USB ?

दरअसल ये किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। इसका पूरा नाम– यूनिवर्सल सीरियल बस है।इसकी मदद से सभी केबल एक ही पोर्ट में कनेक्ट किए जा सकते हैं।डेटा और पावर एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस तक आसानी से भेज सकते हैं।ये तीन तरह का होता है– A, B, और C। USB Type A फ्लैट और बड़ा होता है, इसे माउस, पेन ड्राइव और कीबोर्ड में यूज किया जाता है।USB Type B यह चौकोर और बड़ा होता है।इससे स्कैनर, प्रिंटर और हार्ड ड्राइव लगाए जाते हैं। USB Type C यह छोटा होता है। इससे कैमरा, एमपी-3 प्लेयर आसानी से कंप्यूटर के साथ जोड़े जा सकते हैं।

संबंधित खबरें

Tags :
×